नमस्ते दोस्तों! श्री जी रसोई में दिल से स्वागत है — जहाँ हर रेसिपी है देसी स्वाद और परंपरा का संगम। आज लाए हैं गंगापुर सिटी की सबसे फेमस मिठाई — "खीर मोहन"! इसे एक बार बनाओ, तो हर कोई कहेगा — मुंह में रखते ही घुल जाए!
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छैना/छेना की तैयारी
खीर मोहन की शुरुआत एकदम परफेक्ट छैने से होती है। इसकी क्वालिटी पर ही मिठाई का स्वाद निर्भर करता है। छैना न ज्यादा सख्त, न ज्यादा नरम होना चाहिए - बस बीच का संतुलन ही इस मिठाई का राज़ है।
ताज़ा दूध को टाटरी या नींबू से फाड़ें, मलाई पहले निकाल लें
फटा हुआ दूध मलमल के कपड़े में छानें
छैने को ठंडे पानी से खूब धो लें — ताकि खटास बिलकुल न रहे
पानी अच्छी तरह निचोड़कर कपड़े में 1 घंटे टांग दें
परफेक्ट छैना: अंगुली से दबाने पर हल्की निशानी बने, लेकिन चिपके नहीं
मिश्रण बनाना - स्वाद का आधार
छैना को मसलें
सबसे पहले छैना को हाथों से अच्छी तरह मसल लें ताकि वह बिलकुल मुलायम हो जाए। इसमें कोई भी गांठ या कड़ापन नहीं रहना चाहिए।
सामग्री मिलाएँ
मुलायम छैना में 2-3 चम्मच बारीक सूजी और 1 चम्मच शक्कर अच्छी तरह मिलाएँ। सूजी मिठाई को स्पंजी टेक्सचर देती है।
झज्जर से छानें
इस मिश्रण को झज्जर से छानें — यह खास तकनीक मिठाई को विशेष स्मूदनेस और वेलवेटी टेक्सचर प्रदान करती है।
गोलियां बनाना - आकार का महत्व
गोलियों का आकार और बनावट खीर मोहन की पहचान है। इस चरण में थोड़ा धैर्य रखें और प्यार से काम करें।
आकार का महत्व
गोलियां छोटी और एक समान आकार की होनी चाहिए - लगभग 1 इंच व्यास की। आकार में समानता होने से पकने का समय एक जैसा रहेगा।
परफेक्ट फिनिश
गोलियों की सतह एकदम चिकनी होनी चाहिए, बिना किसी दरार के। हथेलियों के बीच धीरे-धीरे और प्यार से रगड़ें।
दादी का नुस्खा: गोलियां बनाते समय हाथों पर थोड़ा घी लगाएँ - इससे चिपकेगा नहीं और सतह भी चिकनी रहेगी।
चाशनी में पकाना - स्वाद का जादू
चाशनी तैयार करें
2 कप पानी में 1 कप चीनी डालकर उबालें। चाशनी एक तार की होनी चाहिए।
कैरेमेलाइज़ेशन
स्पेशल किचन हैक: एक-डेढ़ चम्मच चीनी को अलग से कैरेमेलाइज कर लें, फिर चाशनी में मिलाएँ।
धीमी आंच पर पकाएँ
गोलियां डालकर 2-3 घंटे धीमी आंच पर पकाएँ। चाशनी गाढ़ी हो जाए तो गरम पानी डालते रहें।
दादी का गुप्त नुस्खा: चाशनी में 2-3 इलायची और केसर की कुछ लड़ें डालने से खीर मोहन का स्वाद और भी निखर जाता है। हलवाई जैसा स्वाद पाने के लिए चाशनी को भूरा होने तक पकाएँ।
24 घंटे का इंतजार - असली स्वाद का राज़
खीर मोहन की असली जादुई मिठास का सबसे बड़ा राज़ है धैर्य। पकने के बाद मिठाई को 24 घंटे तक चाशनी में भिगोकर रखने से स्वाद एकदम परिपक्व हो जाता है - बिलकुल हलवाई जैसा!
रसों का संतुलन
इस दौरान गोलियां चाशनी को पूरी तरह से अवशोषित कर लेती हैं और स्पंजी टेक्सचर में रस भर जाता है।
फ्लेवर का विकास
24 घंटों में इलायची और केसर के फ्लेवर पूरी मिठाई में फैल जाते हैं और स्वाद परिपक्व होता है।
परोसने का तरीका
परोसते समय गोलियों को चाशनी के साथ सर्व करें। ठंडा या हल्का गरम - दोनों तरह से स्वादिष्ट लगता है।
परंपरागत विश्वास: कहते हैं कि जिस खीर मोहन को मुंह में रखते ही घुल जाए, वही असली खीर मोहन है!
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पारंपरिक अवसर: खीर मोहन विशेष रूप से नवरात्रि, दिवाली और शादी-विवाह के अवसरों पर बनाया जाता है। आप किस अवसर पर इसे बनाना चाहेंगे?
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