"राजस्थान में कहते हैं कि अच्छी दाल वह है जो इतनी पतली हो कि बाटी को पूरी तरह भिगो दे, लेकिन इतनी स्वादिष्ट हो कि हर घूंट में मसालों का स्वाद महसूस हो।"
"चूरमा तब और भी स्वादिष्ट बनता है जब उसमें मौसमी ड्राई फ्रूट्स का मिश्रण डाला जाए। गर्मियों में आम के सूखे टुकड़े और सर्दियों में सूखे मेवे इसके स्वाद को निखारते हैं।"
"राजस्थान में कहते हैं कि अगर आपने दाल बाटी चूरमा नहीं खाया, तो आपने राजस्थान के असली स्वाद को नहीं जाना। यह सिर्फ एक व्यंजन नहीं, बल्कि राजस्थानी संस्कृति का सार है।"
"प्लेटिंग कला है, और दाल बाटी चूरमा के परंपरागत स्वाद को आधुनिक प्रस्तुति के साथ मिलाना खाने के अनुभव को नए आयाम देता है। पर याद रखें, प्रस्तुति कितनी भी आधुनिक हो, स्वाद हमेशा पारंपरिक ही रहना चाहिए।"
"राजस्थान की भीषण गर्मी में, दाल बाटी चूरमा के साथ ठंडा छाछ पीना न केवल स्वादिष्ट है, बल्कि शरीर को भी संतुलित रखता है। हमारे पूर्वजों ने इस संयोजन को न सिर्फ स्वाद के लिए, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी विकसित किया था।"
"हर घर की दाल बाटी चूरमा में एक अलग स्वाद होता है, एक अलग कहानी होती है। अपने व्यंजन में अपनी कल्पना और अपने परिवार की परंपराओं को मिलाएँ। यही तो भारतीय खाना पकाने की खूबसूरती है - परंपरा और नवाचार का अद्भुत मिश्रण!"