नमस्कार प्यारे दोस्तों! श्री जी रसोई में आपका हार्दिक स्वागत है। आज हम आपको पूर्वी राजस्थान के प्रसिद्ध और पारंपरिक व्यंजन 'स्पेशल टिक्कड़' और उसके साथ परोसी जाने वाली मसालेदार आलू-प्याज सब्जी की विस्तृत रेसिपी बताने जा रहे हैं। इस व्यंजन का स्वाद इतना मनमोहक है कि यह शादी-ब्याह, दावत और त्योहारों का अनिवार्य हिस्सा बन गया है और इसकी फैन फॉलोइंग दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है।
पारंपरिक टिक्कड़ का इतिहास और महत्व
टिक्कड़ पूर्वी राजस्थान की एक अनमोल धरोहर है जो पीढ़ियों से हमारे खान-पान संस्कृति का हिस्सा रही है। यह सिर्फ एक भोजन नहीं, बल्कि हमारी पारंपरिक पाक कला का प्रतीक है जिसे हमारे पूर्वजों ने बड़े प्यार और मेहनत से संजोया है।
राजस्थानी पहचान
टिक्कड़ पूर्वी राजस्थान, विशेषकर गंगापुर सिटी की पहचान है जो स्थानीय जलवायु और उपलब्ध सामग्री के अनुकूल विकसित हुई है।
सामाजिक महत्व
किसी भी शादी-विवाह या त्योहार पर टिक्कड़ और इसके साथ परोसी जाने वाली विशेष सब्जी का होना अनिवार्य माना जाता है।
स्वास्थ्य लाभ
देसी घी में बना यह व्यंजन न केवल स्वादिष्ट होता है बल्कि पारंपरिक आयुर्वेदिक दृष्टि से कई स्वास्थ्य लाभ भी प्रदान करता है।
हमारे घरों में पकने वाला टिक्कड़ वह स्वाद है जो हमें अपनी जड़ों से जोड़ता है। गंगापुर सिटी के हलवाई इसे बनाने की कला में महारत हासिल कर चुके हैं, और आज हम आपको उसी प्रामाणिक स्वाद को अपने घर में बनाने का तरीका बताएंगे।
आवश्यक सामग्री
टिक्कड़ के लिए सामग्री
2 कप गेहूं का आटा
1/2 कप बेसन
1/4 कप सूजी
1 चम्मच सौंफ (पिसी हुई)
1/2 चम्मच अजवाइन
4 बड़े चम्मच देसी घी (गूंथने के लिए)
1 चम्मच नमक
गर्म पानी (आवश्यकतानुसार)
अतिरिक्त देसी घी (टिक्कड़ पर लगाने के लिए)
आलू-प्याज सब्जी के लिए सामग्री
4 बड़े आलू (प्रत्येक को 4 भागों में काटा हुआ)
3 बड़े प्याज
2 इंच अदरक का टुकड़ा
8-10 लहसुन की कलियां
2 कप देसी घी
1 कप दही
1/4 कप मावा
2 बड़े चम्मच खसखस
1/4 कप काजू और किशमिश
2 बड़े चम्मच धनिया पाउडर
1 चम्मच लाल मिर्च पाउडर
1/2 चम्मच हल्दी
नमक स्वादानुसार
साबुत मसाले
4-5 लौंग
6-7 काली मिर्च
2-3 इलायची
जायफल की थोड़ी सी मात्रा
जावित्री की थोड़ी सी मात्रा
2-3 तेजपत्ते
1 बड़ा चम्मच साबुत धनिया
1 चम्मच खीरे के बीज
टिक्कड़ तैयार करने की विधि
विस्तृत प्रक्रिया:
1. सबसे पहले गेहूं का आटा, बेसन और सूजी को एक बड़े परात में अच्छी तरह मिला लें।
2. इसमें पिसी हुई सौंफ, अजवाइन और नमक डालकर अच्छी तरह मिलाएं।
3. अब इसमें देसी घी डालें और हाथों से अच्छी तरह मिलाएं ताकि मिश्रण में घी अच्छी तरह से फैल जाए।
4. धीरे-धीरे गर्म पानी डालते हुए आटे को गूंथें। आटा न ज्यादा कड़ा होना चाहिए और न ही ज्यादा नरम।
5. आटे को 10-15 मिनट तक अच्छी तरह गूंथने के बाद एक गीले कपड़े से ढककर 20-30 मिनट के लिए रख दें।
6. अब इस आटे से 150-200 ग्राम की लोइयां बना लें।
7. लोई को हथेली से दबाकर मोटे टिक्कड़ का आकार दें। इसे सामान्य रोटी से मोटा रखना है।
पारंपरिक विशेषता: असली स्वाद के लिए टिक्कड़ को कोयले की आँच या तंदूर पर सेंका जाता है। घर पर आप इलेक्ट्रिक तंदूर या मोटी तवी का उपयोग कर सकते हैं।
आधुनिक समय में पारंपरिक स्वाद
घर पर तंदूरी स्वाद कैसे पाएं?
पारंपरिक तंदूर या कोयले की आँच वाला स्वाद अब आप अपने घर पर भी आसानी से पा सकते हैं। आधुनिक समय में इलेक्ट्रिक तंदूर रोटी मेकर जैसे उपकरण हमारे लिए वरदान साबित हुए हैं, जो हमें पारंपरिक स्वाद को बनाए रखने में मदद करते हैं।
इलेक्ट्रिक तंदूर के लाभ:
घर पर ही असली तंदूरी स्वाद का आनंद
बिना धुएं के तंदूरी खाना बनाने की सुविधा
समय और ईंधन की बचत
आसान उपयोग और रखरखाव
टिक्कड़ को बाहर से क्रिस्पी और अंदर से सॉफ्ट बनाता है
लोहे की कड़ाही के फायदे:
लोहे के बर्तन में पका भोजन अधिक स्वादिष्ट होता है
मसालों की खुशबू और रंग को बरकरार रखता है
धीमी और समान गर्मी प्रदान करता है
शरीर को लोहे की प्राकृतिक आपूर्ति
लंबे समय तक चलने वाला और टिकाऊ बर्तन
क्या आपने कभी इलेक्ट्रिक तंदूर का उपयोग किया है? यदि नहीं, तो आज ही इसे आजमाएं और अपने परिवार को पारंपरिक राजस्थानी टिक्कड़ का असली स्वाद दें।
सब्जी की तैयारी - प्रथम चरण
प्याज-मसाले का बेस तैयार करना
मसाला बेस की विशेषता
गंगापुर सिटी की इस विशेष सब्जी का राज इसके मसाले में छिपा है। इसके लिए हम सबसे पहले एक समृद्ध मसाला बेस तैयार करेंगे जो सब्जी को उसका अद्भुत स्वाद प्रदान करेगा।
प्याज-अदरक-लहसुन पेस्ट:
प्याज, अदरक और लहसुन को मिक्सी में पीसकर एक मुलायम पेस्ट बनाएं। इस पेस्ट को सब्जी के आधार के रूप में उपयोग किया जाएगा, जो सब्जी को गहरा स्वाद प्रदान करेगा।
साबुत मसालों का तड़का
इस सब्जी की विशिष्टता इसमें उपयोग किए जाने वाले साबुत मसाले हैं, जो इसे एक अनोखा और अद्वितीय स्वाद देते हैं।
प्रक्रिया:
लोहे की कड़ाही में देसी घी गर्म करें
सभी साबुत मसाले (लौंग, काली मिर्च, इलायची, तेजपत्ता, धनिया, खीरे के बीज) डालें और चटकने दें
प्याज-अदरक-लहसुन का पेस्ट डालें और सुनहरा होने तक भूनें
अब पिसे हुए मसाले (धनिया, लाल मिर्च, हल्दी) मिलाएं
विशेष किचन हैक: सब्जी में कभी पानी न डालें! सिर्फ दही, मावा और खसखस का उपयोग करें जो इसे क्रीमी और समृद्ध बनाता है।
सब्जी की तैयारी - आलू का तड़का
आलू को विशेष तरीके से तैयार करना
इस सब्जी की खास बात यह है कि इसमें आलू को बड़े टुकड़ों में काटा जाता है, जिससे वे अपना आकार बनाए रखते हैं और साथ ही मसालों का स्वाद अच्छी तरह से सोख लेते हैं।
आलू फ्राई करने की विधि:
बड़े आलुओं को धोकर छिलका उतार लें
प्रत्येक आलू को सिर्फ 4 बड़े टुकड़ों में काटें
लोहे की कड़ाही में देसी घी गर्म करें
आलू के टुकड़ों को घी में डालकर हल्का भूरा होने तक फ्राई करें
फ्राई हुए आलू को निकालकर अलग रख दें
इस विधि के फायदे:
आलू पहले से फ्राई होने के कारण सब्जी में घुलते नहीं हैं
आलू के बड़े टुकड़े अधिक स्वादिष्ट होते हैं
टुकड़े अंदर से नरम और बाहर से क्रिस्पी रहते हैं
मसालों का स्वाद आलू के अंदर तक पहुंचता है
परोसते समय सब्जी अधिक आकर्षक दिखती है
सब्जी का धीमा पकाव - राज की बात
धीमी आंच का महत्व
गंगापुर सिटी की इस विशेष सब्जी का सबसे बड़ा राज़ इसका धीमा पकाव है। पारंपरिक रूप से इसे लगभग 5 घंटे तक अत्यंत धीमी आंच पर पकाया जाता है, जिससे मसालों का स्वाद आलू में पूरी तरह से समा जाता है और सब्जी का रस गाढ़ा और समृद्ध हो जाता है।
धीमे पकाव के चरण:
मसाला बेस तैयार होने के बाद, इसमें फ्राई किए हुए आलू डालें
दही को फेंटकर धीरे-धीरे मिलाएं
खसखस को पानी में भिगोकर पेस्ट बनाएं और मिलाएं
ढक्कन लगाकर बहुत धीमी आंच पर पकाएं
बीच-बीच में हिलाते रहें ताकि सब्जी तले न लगे
पकने के दौरान कभी भी पानी न डालें
अंतिम 30 मिनट में मावा और कटे हुए ड्राई फ्रूट्स मिलाएं
सब्जी के तैयार होने का संकेत: जब सब्जी पूरी तरह से पक जाती है, तो उसके ऊपर देसी घी तैरने लगता है, जो इसके पूर्ण पकाव का सूचक है।
5 घंटे
पकाव का समय
अधिकतम स्वाद के लिए पारंपरिक धीमा पकाव
0
पानी की मात्रा
सब्जी में कभी भी पानी नहीं डाला जाता
100%
देसी घी
शुद्ध देसी घी का उपयोग अनिवार्य है
टिक्कड़ सेंकने की विधि
सही तापमान और तकनीक
पारंपरिक तरीका:
टिक्कड़ को पारंपरिक रूप से मिट्टी के तंदूर या कोयले की आंच पर सेंका जाता है, जो इसे एक विशिष्ट स्वाद और बनावट प्रदान करता है। टिक्कड़ की खास बात यह है कि यह बाहर से क्रिस्पी होता है, जबकि अंदर से नरम और सॉफ्ट रहता है।
सेंकने की प्रक्रिया:
तंदूर या तवे को अच्छी तरह गर्म करें
टिक्कड़ को पहले एक तरफ से 3-4 मिनट तक सेंकें
जब एक तरफ हल्का भूरा हो जाए, तो पलटकर दूसरी तरफ सेंकें
दूसरी तरफ भी गोल्डन ब्राउन होने तक सेंकें
तंदूर से निकालते समय देसी घी से अच्छी तरह चुपड़ें
गर्मागर्म परोसें
घरेलू विकल्प:
घर पर टिक्कड़ सेंकने के लिए आप निम्न विकल्पों का उपयोग कर सकते हैं:
इलेक्ट्रिक तंदूर
मोटी लोहे की तवी
ओवन (तंदूरी मोड पर)
गैस स्टोव पर मेटल की जाली
सावधानी: टिक्कड़ को बहुत अधिक न सेंकें। यह बाहर से क्रिस्पी होना चाहिए लेकिन अंदर से कच्चा नहीं रहना चाहिए।
सही तरीके से सेंका गया टिक्कड़ स्वाद में अद्भुत होता है और इसकी खुशबू पूरे घर में फैल जाती है। आप जब भी इसे बनाएंगे, आपके परिवार और मेहमान इसके स्वाद के दीवाने हो जाएंगे।
विशेष सामग्री और उनका महत्व
शुद्ध देसी घी
गंगापुर सिटी की स्पेशल टिक्कड़ और सब्जी में शुद्ध देसी घी का उपयोग अनिवार्य है। यह न केवल व्यंजन को समृद्ध स्वाद प्रदान करता है, बल्कि इसके कई स्वास्थ्य लाभ भी हैं। गाय के दूध से बना शुद्ध देसी घी स्वाद और खुशबू में अतुलनीय होता है।
साबुत मसाले
सब्जी में उपयोग किए जाने वाले साबुत मसाले जैसे लौंग, इलायची, काली मिर्च, जायफल, तेजपत्ता आदि इसके स्वाद का मूल आधार हैं। ये मसाले सब्जी को एक विशिष्ट सुगंध और स्वाद प्रदान करते हैं जो इसे अन्य सब्जियों से अलग बनाता है।
मावा और ड्राई फ्रूट्स
मावा (खोया) और ड्राई फ्रूट्स जैसे काजू और किशमिश सब्जी को क्रीमी बनावट और मीठा स्वाद प्रदान करते हैं। ये अंतिम चरण में मिलाए जाते हैं और सब्जी को एक शाही टच देते हैं, जो इसे सामान्य आलू की सब्जी से अलग बनाता है।
इन विशेष सामग्रियों का चयन और उनकी गुणवत्ता व्यंजन के स्वाद को प्रभावित करती है। हमेशा उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री का उपयोग करें, विशेष रूप से देसी घी और मसालों के मामले में, ताकि आप असली राजस्थानी स्वाद का आनंद ले सकें।
परोसने का सही तरीका
परंपरागत परोसने का तरीका
राजस्थान में टिक्कड़ और सब्जी को परोसने का अपना एक विशेष तरीका है, जो इस व्यंजन के अनुभव को और भी यादगार बना देता है।
परोसने के चरण:
एक बड़ी थाली में गर्मागर्म टिक्कड़ रखें
उसके बगल में एक कटोरी में गर्म आलू-प्याज़ की सब्ज़ी परोसें
सब्जी के ऊपर ताजी कटी हुई हरी धनिया और अतिरिक्त कटे हुए काजू बिखेरें
टिक्कड़ पर अतिरिक्त गर्म देसी घी डालें
साथ में प्याज का सलाद और अचार परोसें
खाने का सही तरीका
टिक्कड़ और सब्जी का स्वाद अधिकतम आनंद लेने के लिए इसे खाने का एक विशेष तरीका है।
स्वाद बढ़ाने के टिप्स:
टिक्कड़ को हाथ से तोड़ें, काटें नहीं
टिक्कड़ का टुकड़ा लें और उसे सब्जी में डुबोएं
सब्जी में भीगे टिक्कड़ के साथ प्याज का एक टुकड़ा भी लें
टिक्कड़ को उसके गर्म होने पर ही खाएं
एक बार में थोड़ी मात्रा में सब्जी लें ताकि टिक्कड़ नरम न हो जाए
रोचक तथ्य: गंगापुर सिटी में टिक्कड़ और सब्जी खाने की एक प्रतियोगिता भी होती है, जिसमें सबसे अधिक टिक्कड़ खाने वाले को पुरस्कार दिया जाता है!
परंपरागत तरीके से परोसा गया यह व्यंजन न केवल स्वाद बल्कि दृश्य रूप से भी अत्यंत आकर्षक होता है। इसका हर निवाला आपको राजस्थान की संस्कृति और समृद्ध विरासत का अहसास कराएगा।
रोचक विविधताएँ और प्रयोग
मक्के का टिक्कड़
मक्के के आटे और गेहूं के आटे को मिलाकर बनाया जाता है। यह स्वाद में अलग होता है और इसे विशेष अवसरों पर बनाया जाता है।
2 कप गेहूं का आटा और 1 कप मक्के का आटा मिलाएं
बाकी प्रक्रिया वही रहेगी
यह स्वाद में थोड़ा मीठा और अधिक क्रिस्पी होता है
पनीर वाली सब्जी
पारंपरिक सब्जी में आलू के साथ पनीर के टुकड़े मिलाकर इसका एक रुचिकर संस्करण बनाया जा सकता है।
200 ग्राम पनीर को बड़े टुकड़ों में काटें
सब्जी के अंतिम 30 मिनट में पनीर के टुकड़े मिलाएं
यह सब्जी को अधिक प्रोटीन युक्त और पौष्टिक बनाता है
स्टफ्ड टिक्कड़
टिक्कड़ को मसालेदार मिश्रण से भरकर एक नया प्रयोग किया जा सकता है।
मसालेदार आलू या पनीर का मिश्रण तैयार करें
टिक्कड़ की लोई को दो हिस्सों में रोल करें
बीच में मसाला भरें और किनारों को दबाकर बंद करें
सामान्य टिक्कड़ की तरह सेंकें
अन्य प्रयोग जो आप कर सकते हैं:
मल्टीग्रेन टिक्कड़: विभिन्न प्रकार के आटे जैसे ज्वार, बाजरा, रागी आदि मिलाकर स्वास्थ्यवर्धक संस्करण
मीठा टिक्कड़: आटे में गुड़ और सूखे मेवे मिलाकर मिठाई की तरह परोसा जा सकता है
हरे मसाले वाली सब्जी: सूखे मसालों के बजाय हरे मसालों का उपयोग करके ताजगी भरा स्वाद
ड्राई फ्रूट्स से सजी सब्जी: सब्जी में विभिन्न प्रकार के ड्राई फ्रूट्स जैसे बादाम, पिस्ता, अंजीर आदि मिलाकर
मशरूम और आलू की सब्जी: आलू के साथ मशरूम मिलाकर एक अलग स्वाद
मिनी टिक्कड़: छोटे आकार के टिक्कड़ जो स्नैक्स के रूप में परोसे जा सकते हैं
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सामान्य प्रश्न और समाधान
1
टिक्कड़ बाहर से क्रिस्पी और अंदर से नरम कैसे बनाएं?
टिक्कड़ को बाहर से क्रिस्पी और अंदर से नरम बनाने के लिए, आटे में सही अनुपात में घी मिलाना जरूरी है। साथ ही, सेंकते समय पहले उच्च तापमान पर शुरू करें और फिर धीमी आंच पर सेंकें। सेंकने के तुरंत बाद देसी घी लगाना न भूलें।
2
सब्जी के लिए सबसे अच्छा बर्तन कौन सा है?
सब्जी के लिए सबसे अच्छा बर्तन पारंपरिक लोहे की कड़ाही या हैवी बॉटम वाला कास्ट आयरन पैन है। ये बर्तन गर्मी को समान रूप से वितरित करते हैं और धीमी आंच पर पकाने के लिए आदर्श हैं। इनमें पकाई गई सब्जी में मसालों का स्वाद और रंग अधिक गहरा होता है।
3
क्या सब्जी को जल्दी पकाने का कोई तरीका है?
हालांकि पारंपरिक रूप से इस सब्जी को 5 घंटे तक पकाया जाता है, लेकिन समय की कमी होने पर आप प्रेशर कुकर का उपयोग कर सकते हैं। आलू को अलग से उबालें, मसाला बेस तैयार करें, फिर दोनों को मिलाकर 15-20 मिनट तक धीमी आंच पर पकाएं। हालांकि, स्वाद में थोड़ा अंतर आ सकता है।
4
वेजिटेरियन और नॉन-वेजिटेरियन दोनों वर्जन कैसे बनाएं?
नॉन-वेजिटेरियन वर्जन के लिए, आप सब्जी में मटन या चिकन के टुकड़े मिला सकते हैं। मांस को अलग से मसालों में मैरिनेट करें, फिर भून लें और आलू वाली सब्जी में मिला दें। अंतिम 30 मिनट तक धीमी आंच पर पकाएं ताकि मांस का स्वाद सब्जी में मिल जाए।
अतिरिक्त युक्तियाँ:
आटे का अनुपात: आटे में सही अनुपात में बेसन और सूजी मिलाना महत्वपूर्ण है (2:1/2:1/4)
घी की मात्रा: आटा गूंथते समय पर्याप्त मात्रा में घी मिलाएं
आटे का विश्राम: गूंथे हुए आटे को कम से कम 20-30 मिनट तक विश्राम दें
तापमान नियंत्रण: सब्जी को हमेशा धीमी आंच पर ही पकाएं
सब्जी का संरक्षण: इस सब्जी को 2-3 दिन तक फ्रिज में रखा जा सकता है
पुनः गरम करना: सब्जी को धीमी आंच पर थोड़े से घी के साथ गरम करें
मसालों का अनुपात: स्वाद के अनुसार मसालों की मात्रा समायोजित करें
बचे हुए टिक्कड़: बचे हुए टिक्कड़ को अगले दिन तवे पर गरम करके खाया जा सकता है
श्री जी रसोई - गंगापुर सिटी की असली विरासत
हर स्वाद है खास!
हमारे साथ जुड़कर आपने न केवल एक रेसिपी सीखी है, बल्कि राजस्थान की समृद्ध खाद्य संस्कृति के एक अनमोल हिस्से से परिचित हुए हैं। स्पेशल टिक्कड़ और आलू-प्याज़ की सब्ज़ी गंगापुर सिटी की विरासत है, जिसे हम आपके साथ साझा करके बेहद खुश हैं।
याद रखें:
हमारा प्रीमियर हर दिन दोपहर 12:12 बजे देखना न भूलें
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"भोजन सिर्फ पेट भरने के लिए नहीं, बल्कि आत्मा को तृप्त करने के लिए भी होता है। एक अच्छा भोजन सदियों की विरासत और प्रेम का प्रतीक है।"
हम आशा करते हैं कि आप अपने घर में इस पारंपरिक व्यंजन को बनाएंगे और अपने प्रियजनों के साथ राजस्थानी व्यंजनों के स्वाद का आनंद लेंगे। आपके सुझाव और प्रतिक्रिया हमारे लिए बहुत मूल्यवान हैं।
श्री जी रसोई - गंगापुर सिटी की असली विरासत, हर स्वाद है खास!